Greater SPR Road : नए रोड के लिए 276 एकड़ जमीन का अधिग्रहण शुरू, 6 गांवों की बदलेगी किस्मत, जानें पूरा रूट मैप
नवंबर में धारा-6 के नोटिस जारी होने के बाद, अब फरवरी माह में जमीन का अवॉर्ड (मुआवजा राशि) सुनाए जाने की उम्मीद है।

Greater SPR Road : दिल्ली-एनसीआर में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना ‘ग्रेटर एसपीआर’ (Greater SPR) पर काम तेज कर दिया है। इस 6 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण से न केवल गुरुग्राम के आंतरिक यातायात में सुधार होगा, बल्कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंचना भी बेहद आसान हो जाएगा।
6 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण: इस परियोजना के लिए बहरामपुर (26 एकड़), उल्लावास (17 एकड़), कादरपुर (77 एकड़), मैदावास (50 एकड़), घूमसपुर (54 एकड़) और बादशाहपुर (51 एकड़) की कुल 276 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। नवंबर में धारा-6 के नोटिस जारी होने के बाद, अब फरवरी माह में जमीन का अवॉर्ड (मुआवजा राशि) सुनाए जाने की उम्मीद है। इसके तुरंत बाद प्रशासन जमीन का कब्जा लेकर निर्माण कार्य शुरू कर देगा। जीएमडीए ने इस सड़क के लिए सलाहकार (Consultant) नियुक्त कर दिया है, जो इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है।
नई सड़क मुख्य रूप से सेक्टर-58 से सेक्टर-67 के निवासियों के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी। वर्तमान में इन सेक्टरों के लोगों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे या सोहना रोड जाने के लिए भारी ट्रैफिक वाले वाटिका चौक से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रेटर एसपीआर बनने के बाद ये वाहन बाहरी सड़क से सीधे निकल सकेंगे। इससे गोल्फ कोर्स रोड और गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से आने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा।
ग्रेटर एसपीआर का केवल यही हिस्सा नहीं, बल्कि इसका विस्तार मानेसर तक करने की भी योजना है। इसके दूसरे चरण में लगभग 394 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जो गुरुग्राम-सोहना हाईवे को सीधे दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) से मानेसर के पास जोड़ेगा। इसमें अकलीमपुर, टीकली, सकतपुर और शिकोहपुर जैसे गांवों की जमीन शामिल है।

ग्रेटर एसपीआर और प्रस्तावित एलिवेटेड रोड (घाटा से खेड़की दौला तक) का जाल बिछने के बाद गुरुग्राम का दक्षिणी हिस्सा रीयल एस्टेट और कमर्शियल हब के रूप में और तेजी से उभरेगा। जीएमडीए के अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क का मुख्य उद्देश्य मौजूदा एसपीआर पर सुबह और शाम के ट्रैफिक जाम को पूरी तरह खत्म करना है, जहां वर्तमान में 6 किमी का सफर तय करने में 45 मिनट तक लग जाते हैं।











